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बहुफसली जैविक मॉडल बना मिसाल किसान सुंदरलाल शर्मा ने बढ़ाई आमदनी जैविक खेती से बंपर मुनाफ़ा, सुंदरलाल शर्मा बने प्रेरणास्रोत।

बहुफसली जैविक मॉडल बना मिसाल किसान सुंदरलाल शर्मा ने बढ़ाई आमदनी जैविक खेती से बंपर मुनाफ़ा, सुंदरलाल शर्मा बने प्रेरणास्रोत।

बहुफसली जैविक मॉडल बना मिसाल किसान सुंदरलाल शर्मा ने बढ़ाई आमदनी जैविक खेती से बंपर मुनाफ़ा, सुंदरलाल शर्मा बने प्रेरणास्रोत।

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गौरव सरवारिया _ आगर-मालवा : जिले में अब खेती को एक लाभ का व्यवसाय बनाने की नई गाथा लिखी जा रही है। और इस बदलाव का केंद्र बने हैं ग्राम दाबड़िया के प्रगतिशील किसान सुंदरलाल शर्मा उन्होंने अपने नवाचारों और शासन की योजनाओं का सफल उपयोग करते हुए एक अनूठा बहुफसली जैविक खेती मॉडल तैयार किया है। जो आज जिले के अन्य कृषकों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन चुका है। किसान सुंदरलाल शर्मा ने उद्यानिकी विभाग की महत्वपूर्ण योजनाएं, जैसे  माइक्रो एरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई), प्लास्टिक मल्चिंग, और मसाला क्षेत्र विस्तार योजना  का लाभ लेते हुए अपने खेत में यह सफल मॉडल विकसित किया है।

🌱 कम लागत, अधिक मुनाफ़ा: जैविक खेती का कमाल

सुंदरलाल शर्मा के इस मॉडल की मुख्य विशेषता है: कम लागत, अधिक उत्पादन और बेहतर बाज़ार मूल्य। वे अपने खेत में पूरी तरह से जैविक तरीके से हरी सब्जी, हल्दी, प्याज, पपीता, गेंदा, मोसंबी, तुवर, मक्का और गेंहू जैसी विभिन्न फसलें ले रहे हैं।

श्री शर्मा बताते हैं कि जैविक खेती अपनाने से उन्हें रासायनिक खादों पर होने वाले अत्यधिक खर्च से छुटकारा मिला है। इसके साथ ही, जैविक उत्पादों के लिए बाज़ार में अत्यधिक मूल्य प्राप्त हो रहा है। उनके प्रयासों से वे प्रति बीघा प्रति वर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये की शानदार आमदनी कर रहे हैं।

🤝 प्रशिक्षण केंद्र बना फार्म

श्री शर्मा को उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग और कृषि के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं जैसे 'सॉलिडारिडाड' का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। उनके फार्म को जिला प्रशासन द्वारा  प्रशिक्षण केंद्र  के रूप में चुना गया है। श्री शर्मा उदारतापूर्वक अपने फार्म पर अन्य किसानों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं भ्रमण  की सुविधा प्रदान करते हैं, ताकि वे भी कम खर्च में अधिक लाभ कमाने की इस पद्धति को अपना सकें।


उद्यानिकी और कृषि विभाग नियमित रूप से श्री शर्मा के फार्म पर कृषक संगोष्ठी और प्रशिक्षण का आयोजन कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य जिले के अधिकाधिक किसानों को जैविक एवं बहुफसली खेती पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जैविक हाट बाजार का लाभ भी उन्हें अपने उत्पादों को बेचने में मिल रहा है।

जिला प्रशासन ने जिले के सभी कृषकों से अपील की है कि वे श्री सुंदरलाल शर्मा के इस सफल बहुफसली मॉडल को देखें, समझें, और अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए जैविक एवं बहुफसली खेती को अपनाएँ।

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